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Essay on Diwali in Hindi | दीपावली पर निबंध 2022

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Essay on Diwali in Hindi : यदि आपकी टीचर आपको स्वयं से किसी विषय पर निबंध लिखने के लिए कहती हैं तो आपके लिए सबसे बेहतर टॉपिक दिवाली त्योहार होगा क्योंकि दीपावली पर निबंध लिखना बहुत ही सरल और आनंददायक है।

इसलिए सभी विद्यार्थियों की सहायता के लिए हमने यहां पर दिवाली विषय पर बहुत ही आकर्षक और मनमोहक निबंध लिखने का प्रयत्न किया है यदि आप दिवाली विषय पर जानकारी एकत्रित कर एक अच्छा निबंध लिखना चाहते हैं तो निम्नलिखित निबंध को ध्यानपूर्वक पढ़ें।

इसी के साथ हमने यहां पर दीपावली से संबंधित मूल तथ्यों का वर्णन किया है जिससे आपको प्रसन्नता का अनुभव होगा और आप दिवाली त्योहार की रोचक और आकर्षक क्रियाकलापों को महसूस करेंगे।

प्रस्तावना

हम सभी भारतीय यह जानते हैं कि भारत का हर एक दिन उत्सव के रूप में मनाया जाता है । भारत में आए दिन रक्षाबंधन, दीपावली, होली, जन्माष्टमी, दशहरा, धनतेरस जैसे पवित्र और प्रसिद्ध त्योहार मनाए जाते हैं जिनमें से सबसे महत्वपूर्ण और प्रसन्नता का अनुभव कराने वाला प्रकाश का पर्व दीपावली है।
 
दीपावली एक ऐसा त्यौहार है, जो भारत देश के साथ-साथ अन्य पड़ोसी देशों व विदेशों में भी मनाया जाता है। यह बहुत ही प्रतिष्ठित और प्रसिद्ध त्योहार हैं यह उत्सव विशेष रूप से छोटे बच्चों के लिए अनेक प्रकार की खुशियां और उपहार लेकर आता है ।
 
इस दिन सभी बच्चों को स्वादिष्ट मिठाइयां व पटाखे जलाने का अवसर मिलता है, इसलिए यह उत्सव सबसे अधिक पसंद किया जाता है और बच्चे इस उत्सव के आने से पहले ही इसका इंतजार करने लग जाते हैं और इससे संबंधित अनेक प्रकार की आकर्षक और मनमोहक बातें करते हैं।

दीपावली पर्व का अर्थ 

दीपावली पर्व बहुत ही सुनहरा पर्व है इसके नाम में भी एक अद्भुत अर्थ छुपा हुआ है "दीपावली" शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है पहला दीप और दूसरा शब्द है अवलि जिसमें दीप का अर्थ है दीपक और अवलि का अर्थ है पंक्ति या लाइन इन दोनों को मिलाकर एक बहुत ही सुंदर सा अर्थ निकल कर आता है स्वर्ण रूपी प्रकाश देने वाले दीपो की पंक्ति ।
 
यह पर्व सामाजिक स्तर के साथ-साथ धार्मिक स्तर पर भी बहुत महत्वपूर्ण और अर्थपूर्ण है यह पवित्र त्योहार दर्शाता है कि श्री राम कथा भांति एक सामान्य जीवन में अंधकार कितना भी अधिक ताकतवर क्यों ना हो लेकिन अंत में विजय प्रकाश की ही होती है इसके अतिरिक्त हम कह सकते हैं कि यह त्यौहार असत्य पर सत्य तथा अंधकार पर प्रकाश की जीत को दर्शाता है।

दिवाली उत्सव की प्रमुख तैयारियां

दीपावली पर्व की अनेक विशेषताओं में से एक सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इस पर्व पर साफ सफाई और सजावट को प्राथमिकता दी जाती है इन सभी कारणों की वजह से यह त्यौहार और भी अधिक आकर्षित लगता है ।
 
इस त्यौहार के आने से दो-तीन दिन पहले ही लोग अपने घरों विद्यालयों कार्यालय व अन्य जगहों की साफ सफाई करके सजाते हैं जिससे सभी स्थान या घर बहुत सुंदर और मनमोहक लगते हैं सभी लोग बाजार जा कर सजावट के सामान लेकर आते हैं और अपने घरों को कृत्रिम तोरण फूल मालाएं सुंदर तस्वीर व झालर से सजाते हैं ।
 
इसके अतिरिक्त सभी लोग अपने घरों में रंग बिरंगी सुंदर लाइट रंग बिरंगी लड़ियां लगाते हैं  साफ सफाई के पश्चात सभी लोग दीपावली के लिए अपने घरों में तरह-तरह की स्वादिष्ट और सुंदर मिठाइयां बनाते हैं जैसे काजू कतली, रसगुल्ले, बर्फी, पेड़े, रसमलाई आदि।
 
इस पावन और सुनहरे पर्व पर बाजारो में भीड़ उमड़ने लगती है और बाजार भी सुंदर और भरे नजर आते हैं सभी लोग बाजारों में जाकर तरह तरह के गिफ्ट मिठाइयां व सजावट के सामान खरीद कर लेकर आते हैं इन सभी क्रियाकलापों के कारण ही यह पर्व इसे अद्वितीय और मनमोहक बनाता है और सभी त्योहारों से अलग बनाता है यही कारण है कि दीपावली पर्व को भारत में सबसे अधिक पसंद किया जाता है तथा धूमधाम से मनाया जाता है।

दिवाली की शोभा : फुलझड़ियां और पटाखे 

इस उत्सव का सबसे पवित्र और प्यारा पल तब होता है जब सभी लोग पूजा-पाठ और प्रसाद वितरण के पश्चात पटाखे, फुलझड़ियां, चकरी रॉकेट आदि जलाते हैं यह पटाखे इस त्यौहार की शोभा और भी अधिक बढ़ा देते हैं या कह सकते हैं कि यह इस त्यौहार में चार चांद लगा देते हैं।
 
यदि सीमित मात्रा में पटाखे जलाए जाएं तो यह हमारी प्रकृति को कोई नुकसान भी नहीं पहुंचाएंगे और हमारे त्यौहार की शोभा भी बनी रहेगी इसलिए हमें पटाखों को ध्यानपूर्वक और सीमित मात्रा में जलाना चाहिए।
 
पटाखे और फुलझड़ियां बच्चों को बहुत अधिक आकर्षित करते हैं। दीपावली त्यौहार को अधिक पसंद करने का प्रमुख कारण यही है, कि इस त्योहार पर इस प्रकार के क्रियाकलाप करने का अवसर मिलता है खासकर बच्चों को केवल इन्हीं क्रियाकलापों का इंतजार रहता है।
 
आसमान में पटाखों की गूंज और हवा को चीरते रॉकेट की आवाज बहुत ही आकर्षक और मनमोहक लगती है, इसी के साथ चारों तरफ जलती फुलझड़ी की चमक व रोशनी से वातावरण के साथ-साथ मन भी प्रकाशित हो जाता है यही कारण है कि यह उत्सव इतना अधिक आनंददायक और मनमोहक है।

दिवाली का धार्मिक या ऐतिहासिक महत्व

हिंदू धर्म के कुछ धार्मिक ग्रंथों के अनुसार या रचनाओं में ऐसा वर्णन किया गया है, कि दीपावली मनाने का मुख्य कारण यह माना जाता है कि इस दिन भगवान श्री राम जो अयोध्या के राजा थे महाराज दशरथ के वचन को पूरा करने के लक्ष्य से 14 वर्ष का वनवास काटकर माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे उनके अयोध्या वापस लौटने की खुशी में अयोध्या वासियों ने दीपावली का पवित्र और प्रकाशमय त्यौहार मनाया था ।

अयोध्या वासियों को श्री राम के लौटने की इतनी अधिक खुशी हुई की उन्होंने पूरी अयोध्या नगरी को मिट्टी के दीपक जलाकर स्वर्ण रूपी प्रकाश से भर दिया और चारों तरफ खुशहाली और प्रसन्नता का माहौल छा गया अयोध्या वासियों ने उस अमावस्या की रात को स्वर्ण रूपी प्रकाशमय रात्रि में परिवर्तित कर दिया।

जिस कारण लोगों का विश्वास है कि उसी दिन से आज तक हम दीपावली के इस प्रसिद्ध और आनंददायक उत्सव को मनाते आ रहे हैं,  यह पवित्र त्यौहार हमें यह सीख देता है कि भले ही बुराई कितनी भी अधिक प्रबल क्यों ना हो लेकिन यदि हम पूर्ण परिश्रम से प्रयत्न करते हैं तो हम उस पर जीत अवश्य हासिल कर सकते हैं और अंधेरे को अपने जीवन से भगा सकते हैं।

यही कारण है कि दीपावली जैसे पवित्र अवसर पर लोग अपने घरों में भगवान श्री राम, श्री गणेश और महालक्ष्मी जी की मूर्ति स्थापित करते हैं और उनकी पूजा आराधना कर उनकी कृपा प्राप्त करते हैं जिससे उनका जीवन भी अंधकार से परे होता है और जीवन में प्रसन्नता, खुशी और आनंद की चमक जगमगाती है।

लोग इस पवित्र अवसर पर तरह-तरह के सजावटी सामान, मूर्ति,, फूल माला मिठाइयां, लड़िया आदि खरीद कर लाते हैं और अपने घर की शोभा बढ़ाते हैं बाजार भी इस अवसर पर बहुत आकर्षक को जाते हैं, वहां लोगों की भीड़ उमड़ने लगती हैं और सभी बच्चे और बड़े फटाके, फुलझड़ी और रॉकेट आदि खरीद कर लाते हैं तथा इस अवसर को और भी अधिक आकर्षक और यादगार बनाने के लिए पटाखे जलाते हैं।

इस पर्व पर किए जाने वाले कुछ बुरे कार्य

अधिकतर ऐसा देखा गया है, कि इस पवित्र अवसर पर भी कुछ लोग बुरे कार्य करना नहीं छोड़ते यानी अन्य लोग तो भगवान श्री राम महालक्ष्मी तथा श्री गणेश की पूजा आराधना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त कर रहे होते हैं, परंतु दूसरी ओर कुछ लोग टोटके, मदिरापान, शराब, लड़ाई झगड़े जैसे क्रियाकलापों में जुटे रहते हैं, जो बहुत ही शर्मनाक तथ्य है वास्तविकता है।

इसके अतिरिक्त देखा गया है, कि कुछ लोग इस अवसर पर पटाखों का गलत इस्तेमाल कर जानवरों को परेशान कर रहे होते हैं, हमें इस प्रकार के क्रियाकलापों से बचना चाहिए और समाज में ऐसा करने वालों को भी रोकना चाहिए जिससे एक सभ्य और कुशल समाज का निर्माण किया जा सके।

उपसंहार  

दीपावली त्यौहार से प्रत्येक व्यक्ति को यह सीखना चाहिए कि जिस प्रकार से भगवान श्रीराम ने पाप का नाश कर पुण्य की स्थापना की और जीवन से अंधकार को मिटाकर संपूर्ण मानव जाति के जीवन को प्रकाशित किया है।

उसी प्रकार से मनुष्य जाति को भी बुरे कार्यों को छोड़कर अच्छे कार्य को प्राथमिकता देनी चाहिए तथा अपने जीवन से पाप, धोखा, लालच, बुरी आदतें व अन्य प्रकार की नकारात्मक चीजों को दूर कर जीवन में पुण्य, सत्य, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठ आदि, चीजों को अपनाना चाहिए जिससे हमारा जीवन एक सफल और प्रभावी होगा तथा हमारे जीवन में खुशहाली शांति और समृद्धि की हवा का संचालन होगा ।

इसी के साथ हमें इस पवित्र अवसर पर भाईचारे को बढ़ाकर आपसी रिश्ते में मजबूती लानी चाहिए, जिससे कि हमारा जीवन एक दूसरे के समर्थन से सरलता से चल सके और जीवन में शांति और प्रसन्नता भरी रहे।

यह पावन अवसर सभी लोगों के लिए भगवान श्री राम और महालक्ष्मी जी का आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर होता है इसलिए हमें ईश्वर को प्राथमिकता देकर अपने समाज में एकता व जागरूकता बढ़ाकर जीवन व मिठाइयों का आनंद लेना चाहिए तथा सकारात्मक कार्य को प्राथमिकता देनी चाहिए।

छोटे बच्चों के लिए दिवाली निबंध

  • दीपावली भारत में मनाया जाने वाला प्यारा पर्व है।
  • इसे भगवान श्री राम के अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है।
  • प्रत्येक वर्ष इस त्यौहार को अमावस्या की रात को मनाया जाता है।
  • इस त्योहार पर सभी लोग मां लक्ष्मी और भगवान श्री राम की पूजा आराधना कर प्रसाद वितरण करते हैं।
  • इस दिन सभी लोग फुलझड़ियां पटाखे रॉकेट आदि जलाते हैं।
  • इस दिन सभी लोग अपने घरों में स्वादिष्ट मिठाइयां व पकवान बनाते हैं।
  • दीपावली पर्व पर सभी लोग अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं और उन्हें सजाते हैं।
  • इस त्यौहार पर सभी लोग महालक्ष्मी जी की आरती का पाठ करते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करते हैं।
  • इस त्योहार पर सभी लोग बाजार जा कर मिठाइयां पटाखे वह सजावटी सामान खरीदते हैं।
  • इस अवसर पर बाजारों में बहुत अधिक भीड़ देखी जाती है।
  • यह त्यौहार सभी आयु वर्ग के लोगों को बहुत अधिक पसंद आता है।
  • हमें इस त्यौहार को पूर्ण श्रद्धा और विश्वास से मनाना चाहिए।


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