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दालचीनी के फायदे, दालचीनी के औषधीय उपयोग - cinnamon in hindi

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दालचीनी  (cinnamon) लगभग हर भारतीय रसोई में आसानी से मिल जाती है। यह एक ऐसा मसाला है, जिसका इस्तेमाल न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए बल्कि औषधि के रूप में भी किया जाता है। इसलिए स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम दालचीनी  (cinnamon) के फायदे और नुकसान के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। यहां हम विभिन्न वैज्ञानिक शोधों के आधार पर बताएंगे कि कैसे दालचीनी  (cinnamon) व्यक्ति को स्वस्थ और बीमारियों से बचाने में मदद कर सकती है। बस ध्यान दें कि दालचीनी  (cinnamon) किसी भी बीमारी का इलाज नहीं है। जी हां, यह बीमारी से बचने और शरीर को स्वस्थ रखने में जरूर मदद कर सकता है। दालचीनी  (cinnamon) के औषधीय उपयोग और दालचीनी  (cinnamon) खाने के फायदों के बारे में विस्तार से जानने के लिए इस लेख को पढ़ते रहें।

दालचीनी  (cinnamon) के प्रकार - types of cinnamon

दालचीनी  (cinnamon) आमतौर पर चार प्रकार की होती है, जिसके बारे में हम नीचे बात कर रहे हैं।

  1. ट्रू दालचीनी  (cinnamon) व सीलोन दालचीनी  (cinnamon) या मैक्सिकन दालचीनी  (cinnamon) (Cinnamomum Zeylanicum)
  2. इंडोनेशियन दालचीनी  (cinnamon) (Cinnamomum Burmanni)
  3. वियतनामिज दालचीनी  (cinnamon) (Cinnamomum Loureiroi)
  4. कैसिया दालचीनी  (cinnamon) या चाइनीज दालचीनी  (cinnamon) (Cinnamomum Aromaticum)

सीलोन दालचीनी  (cinnamon) सबसे अच्छी मानी जाती है। महंगा होने के बावजूद लोग इस दालचीनी  (cinnamon) को इसके स्वाद और गुणों के कारण खरीदना पसंद करते हैं।

दालचीनी के फायदे - benefits of cinnamon

दालचीनी  (cinnamon) के बहुत सारे फायदे है। जिनका विस्तार पूर्वक वर्णन इस प्रकार है। 

एंटी-ऑक्सीडेंट (anti-oxidant)

दालचीनी  (cinnamon) एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होती है। जानवरों पर किए गए एक शोध में यह बात भी साफ हो गई है। वास्तव में, दालचीनी  (cinnamon) में प्रोसायनिडिन (रासायनिक यौगिक) होते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि प्रदर्शित करते हैं। एक अध्ययन में 26 मसालों की एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि की तुलना में दालचीनी  (cinnamon) को उत्कृष्ट पाया गया।

एंटी-इंफ्लामेटरी गतिविधियां (Anti-Inflammatory Activities)

औषधीय पौधों पर किए गए अध्ययनों के दौरान दालचीनी  (cinnamon) में सूजन-रोधी प्रभाव होने की भी पुष्टि हुई है। कई शोध बताते हैं कि ये प्रभाव दालचीनी  (cinnamon) और इसके तेल दोनों में पाए जाते हैं। शोध के अनुसार, इसमें कई फ्लेवोनोइड यौगिक होते हैं, जो विरोधी भड़काऊ गतिविधियों को प्रदर्शित करते हैं। ध्यान रहे कि ये गुण शरीर से जुड़ी सूजन की समस्या को कम करने में मदद कर सकते हैं। शोध बताते हैं कि दालचीनी  (cinnamon) के पानी का अर्क भी एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है।

डायबिटीज और ब्लड शुगर (diabetes and blood sugar)

दालचीनी  (cinnamon) खाने के फायदों में मधुमेह को नियंत्रित करना भी शामिल हो सकता है। डायबिटीज के मरीज अगर डायट में दालचीनी  (cinnamon) को शामिल करें तो डायबिटीज को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है. दरअसल, इसमें एंटी-डायबिटिक गुण होते हैं। इसके अलावा, एक अन्य शोध से पता चलता है कि दालचीनी  (cinnamon) में मौजूद पॉलीफेनोल्स सीरम ग्लूकोज और इंसुलिन को कम करके मधुमेह के खतरे से बचा सकते हैं।

हृदय स्वास्थ्य के लिए दालचीनी  (cinnamon) के फायदे (Benefits of cinnamon for heart health)

दालचीनी  (cinnamon) हानिकारक कोलेस्ट्रॉल के साथ-साथ मधुमेह को भी कम करके हृदय को स्वस्थ रखने का काम कर सकती है। एनसीबीआई के एक शोध में कहा गया है कि एक, तीन और छह ग्राम दालचीनी  (cinnamon) का सेवन करने से हृदय रोगों से बचने में एलडीएल, सीरम ग्लूकोज, ट्राइग्लिसराइड (रक्त में मौजूद एक प्रकार की वसा) और कुल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम किया जा सकता है। मदद मिल सकती है। एक पशु अध्ययन के अनुसार, कैसिया दालचीनी  (cinnamon) में मौजूद घटक सिनामाल्डिहाइड और सिनामिक एसिड कार्डियो-सुरक्षात्मक गुण प्रदर्शित करते हैं। इसी वजह से दालचीनी  (cinnamon) को हृदय रोग से बचाव के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

कैंसर में फायदेमंद (beneficial in cancer)

दालचीनी  (cinnamon) कैंसर कोशिकाओं के विकास और प्रसार को कम कर सकती है। चूहों पर किए गए एक अध्ययन में यह बताया गया है कि इसमें कीमोप्रिवेंटिव गुण होते हैं। शोध के अनुसार, दालचीनी  (cinnamon) में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एपोप्टोसिस-इंडयूसिंग गतिविधि, एंटी-प्रोलिफ़ेरेटिव (कोशिका वृद्धि को रोकना) प्रभाव एक साथ मिलकर एक कीमोप्रिवेंटिव एजेंट के रूप में काम करते हैं। ये सभी मिलकर कैंसर कोशिका निर्माण की प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर सकते हैं और उन्हें बढ़ने और बनने से रोक सकते हैं।

इसके अलावा, दालचीनी  (cinnamon) अन्य कैंसर के लक्षणों को भी कम करने में मदद कर सकती है। एक अन्य शोध में पाया गया है कि इसमें कैंसर रोधी गुण होते हैं। शोध में उल्लेख किया गया है कि दालचीनी  (cinnamon) मेलेनोमा कैंसर (त्वचा का कैंसर) से सुरक्षा प्रदान कर सकती है। पाठक ध्यान दें कि दालचीनी  (cinnamon) किसी भी तरह से कैंसर का इलाज नहीं है। अगर कोई इस बीमारी से पीड़ित है तो उसे जल्द से जल्द इलाज करवाना चाहिए।

पेट और पाचन के मामले में (In terms of stomach and digestion)

दालचीनी  (cinnamon) खाने के फायदों में पाचन और पेट का स्वास्थ्य शामिल है। दालचीनी  (cinnamon) का उपयोग प्राचीन काल से पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता रहा है। इसमें एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं, जो पाचन तंत्र और पेट में संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लड़ने का काम कर सकते हैं। यह गुण खाद्य पदार्थों में लिस्टेरिया और एस्चेरिचिया कोलाई जैसे बैक्टीरिया के विकास को रोकता है। ये बैक्टीरिया भोजन के जरिए पेट में पहुंचकर समस्या पैदा कर सकते हैं। इसके अलावा, दालचीनी  (cinnamon) का तेल कैंडिडा संक्रमण से भी बचा सकता है। अभी के लिए, इस विषय पर और शोध की आवश्यकता है।

मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए दालचीनी  (cinnamon) के फायदे - Benefits of cinnamon for brain health

दालचीनी  (cinnamon) का घरेलू नुस्खा भी दिमाग के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। यह ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम कर दिमाग को स्वस्थ बनाने का काम कर सकता है। न्यूरोइम्यून फार्माकोलॉजी जर्नल में 24 जून 2016 को ऑनलाइन प्रकाशित चूहों पर किए गए शोध के अनुसार, दालचीनी  (cinnamon) का सेवन याददाश्त को बढ़ा सकता है। साथ ही जल्दी सीखने की क्षमता भी बढ़ सकती है। शोध के अनुसार ऐसा दालचीनी  (cinnamon) के सेवन से बनने वाले सोडियम बेंजोएट के कारण हो सकता है।

वहीं, दालचीनी  (cinnamon) में फाइटोकेमिकल्स भी होते हैं, जो मस्तिष्क की ग्लूकोज का उपयोग करने की क्षमता को बढ़ाते हैं। यह अल्जाइमर रोग के कारण मस्तिष्क में होने वाले परिवर्तनों को भी नियंत्रित कर सकता है। इसके अलावा, दालचीनी  (cinnamon) पार्किंसंस रोग के जोखिम से बचाने में कुछ हद तक मददगार हो सकती है। ज्ञात हो कि अल्जाइमर रोग में याददाश्त कमजोर हो जाती है और पार्किंसन के शरीर के अंग कांपने लगते हैं।

एक अध्ययन में कहा गया है कि दालचीनी  (cinnamon) से निकाला गया तेल स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटन्स नामक बैक्टीरिया की गतिविधि को रोकने का काम कर सकता है। ये बैक्टीरिया कैविटी के लिए जिम्मेदार होते हैं। वहीं इसके इस्तेमाल से दांतों पर भी बुरा असर पड़ सकता है, इसलिए इसका सही तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए।

दालचीनी  (cinnamon) ओरोफेशियल स्थितियों को भी नियंत्रित कर सकती है। यह एक दर्द है जो मुंह, जबड़े और चेहरे को प्रभावित करता है। इसके अलावा दालचीनी  (cinnamon) के तेल में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण भी मुंह को बैक्टीरिया से बचाने का काम कर सकते हैं।

ब्रोंकाइटिस - bronchitis

ब्रोंकाइटिस एक सांस की समस्या है। ब्रोंकाइटिस रोग के दौरान फेफड़ों के अंदर मौजूद श्वसन तंत्र में सूजन और संक्रमण हो जाता है। यह रोग सांस लेने में तकलीफ और सीने में जलन जैसी समस्याओं का कारण बनता है। इस समस्या से बचने के लिए भी दालचीनी  (cinnamon) का इस्तेमाल किया जा सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर मौजूद एक शोध में कहा गया है कि यह श्वसन तंत्र की बीमारियों के लक्षणों को कुछ हद तक कम कर सकता है।

शोध से पता चला है कि S. निमोनिया और M. catarrhalis बैक्टीरिया एक साथ क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस का कारण बनते हैं। दालचीनी  (cinnamon) में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण इन बैक्टीरिया के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकते हैं। दालचीनी  (cinnamon) का तेल और इसकी भाप दोनों ही इन बैक्टीरिया से लड़ने में कारगर पाए गए हैं। इस कारण यह कहा जा सकता है कि दालचीनी  (cinnamon) ब्रोंकाइटिस को रोकने में मददगार हो सकती है।

एचआईवी में भी फायदेमंद - Also beneficial in HIV

एचआईवी जैसी बीमारी के लिए किसी भी तरह की घरेलू दवा पर निर्भर रहना ठीक नहीं है। एचआईवी से संक्रमित किसी भी व्यक्ति को तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। अगर एचआईवी और दालचीनी  (cinnamon) पर शोध की बात करें तो एनसीबीआई में इससे जुड़े शोध हैं। शोध में कहा गया है कि दालचीनी  (cinnamon) में मौजूद प्रोसायनिडिन पॉलीफेनोल एचआईवी-विरोधी गतिविधि को प्रदर्शित करता है।

वजन नियंत्रण के लिए दालचीनी  (cinnamon) के फायदे - benefits of cinnamon for weight control

माना जाता है कि दालचीनी  (cinnamon) के लाभों में वजन नियंत्रण भी शामिल है। आजकल बढ़ता वजन या मोटापा लगभग हर दूसरे-तीसरे व्यक्ति के लिए चिंता का विषय बन गया है। ऐसे में अगर खाने में दालचीनी  (cinnamon) का सेवन किया जाए तो इस समस्या को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। दालचीनी  (cinnamon) में मौजूद पॉलीफेनोल्स, एक प्रकार का एंटी-ऑक्सीडेंट, इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार कर सकता है। इंसुलिन रक्त में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करता है, लेकिन जब शरीर सही मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता है, तो रक्त शर्करा का स्तर बढ़ जाता है।

नतीजतन, मोटापा, मधुमेह और कई अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। एक शोध के अनुसार जिन महिलाओं को पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज है, उनके लिए दालचीनी  (cinnamon) इंसुलिन प्रतिरोध को कम करके वजन को नियंत्रित कर सकती है। इसके अलावा दालचीनी  (cinnamon) और इसमें मौजूद कई अन्य तत्वों का मोटापा-रोधी प्रभाव मोटापे को कम कर सकता है।

फफूंद संक्रमण में फायदे - Benefits in fungal infection

दालचीनी  (cinnamon) के लाभों में फंगल संक्रमण को कम करना भी शामिल है। दरअसल, दालचीनी  (cinnamon) में एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो शरीर को फंगल इंफेक्शन से बचाने और इससे जुड़े लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं। दालचीनी  (cinnamon) के तेल में पाया जाने वाला एंटी-फंगल प्रभाव कैंडिडा अल्बिकन्स, कैंडिडा ट्रॉपिकल और कैंडिडा क्रूसी से लड़ने में मदद कर सकता है।

त्वचा के स्वास्थ्य में लाभ - skin health benefits

दालचीनी  (cinnamon) के फायदों में त्वचा का स्वास्थ्य भी शामिल है। एक शोध में बताया गया है कि दालचीनी  (cinnamon) में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण व्यक्ति को त्वचा रोगों से बचा सकते हैं। इसके इस्तेमाल से हल्के से मध्यम मुंहासों को भी कम किया जा सकता है। इसी वजह से बाजार में दालचीनी  (cinnamon) युक्त स्किन जेल भी उपलब्ध है। दालचीनी  (cinnamon) के एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मुंहासों और दाग-धब्बों को कम कर सकते हैं। इसके अलावा, दालचीनी  (cinnamon) और शहद का मिश्रण मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारने का काम कर सकता है।

दालचीनी  (cinnamon) त्वचा को जवां रखती है, क्योंकि यह कोलेजन को नष्ट होने से बचाती है और त्वचा की लोच को बनाए रख सकती है। एक अध्ययन के अनुसार, दालचीनी  (cinnamon) कोलेजन बायोसिंथेसिस को बढ़ाती है, जिससे एंटी-एजिंग की समस्या को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। इसके अलावा, इसमें घाव भरने के गुण भी होते हैं। त्वचा की सेहत के लिए एक चुटकी दालचीनी  (cinnamon) पाउडर में शहद मिलाकर चेहरे पर लगाया जा सकता है।

बालों से सम्बंधित रोग में फायदेमंद - Beneficial in hair related diseases

बालों को स्वस्थ और घना रखने के लिए दालचीनी  (cinnamon) के पेड़ की पत्तियों का इस्तेमाल किया जा सकता है। कई लोग इसका इस्तेमाल एलोपेसिया यानी गंजेपन को दूर करने के लिए भी करते हैं। यह बालों के रोम की वृद्धि को बढ़ाकर बालों को घना करने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसमें मौजूद कौन सा तत्व बालों को बढ़ाने और गंजेपन को कम करने का काम करता है, यह स्पष्ट नहीं है। इसकी पत्तियों के पेस्ट को सीधे बालों में लगाकर धो सकते हैं। इसके अलावा पत्तों को उबालकर काढ़ा बनाकर इससे बाल भी धोए जा सकते हैं। ध्यान रहे कि काढ़े को ठंडा होने के बाद ही इस्तेमाल करना चाहिए।

दालचीनी  (cinnamon) के पोषक तत्व - Cinnamon Nutrients

दालचीनी  (cinnamon) के फायदे हम पहले ही बता चुके हैं। अब आगे हम प्रति 100 ग्राम दालचीनी  (cinnamon) पाउडर में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में नीचे बता रहे हैं।

क्रमांक
पोषक तत्व
मात्रा प्रति 100 ग्राम में
1 पानी 10.58 g
2 ऊर्जा
247 kcal
3 प्रोटीन
3.99 g
4 फैट
1.24 g
5 कार्बोहाइड्रेट
80.59 g
6 शुगर 2.17 g
7 कैल्शियम
1002 mg
8 आयरन
8.32 mg
9 मैग्नीशियम 60 mg
10 फास्फोरस 64 mg
11 पोटेशियम 431 mg
12 सोडियम 10 mg
13 जिंक
1.83 mg
14 मैंगनीज
17.466 mg
15 कॉपर
0.339 mg
16 सिलेनियम
3.1 µg
17
विटामिन-सी
3.8 mg
18 थियामिन
0.022 mg
19 राइबोफ्लेविन

0.041 mg

20 नियासिन
1.332 mg
21
पैंटोथैनिक एसिड
0.358 mg
22
विटामिन-बी 6
0.158 mg
23 फोलेट
6 µg

दालचीनी  (cinnamon) का उपयोग - use of cinnamon

दालचीनी  (cinnamon) का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है और कितनी मात्रा में दालचीनी  (cinnamon) का सेवन किया जाता है, इसके बारे में हम नीचे विस्तार से बता रहे हैं। आइए सबसे पहले जानते हैं कि दालचीनी  (cinnamon) कैसे खाएं।

दालचीनी  (cinnamon) खाने के तरीके - ways to eat cinnamon

  • दालचीनी  (cinnamon) का इस्तेमाल खाने में मसाले के तौर पर किया जाता है।
  • दालचीनी  (cinnamon) पाउडर का सेवन दूध के साथ किया जा सकता है।
  • आप इसे गुनगुने पानी में मिलाकर भी पी सकते हैं।
  • दालचीनी  (cinnamon) को शहद में मिलाकर चेहरे पर लगाएं।
  • दालचीनी  (cinnamon) को हर्बल चाय या काढ़ा बनाते समय भी मिला सकते हैं।
  • दालचीनी  (cinnamon) को उबालकर बालों को पानी से धोया जा सकता है।
  • दालचीनी  (cinnamon) का उपयोग च्यवनप्राश बनाने के लिए भी किया जाता है।

दालचीनी  (cinnamon) का अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर में विषाक्त प्रभाव पड़ सकता है। इससे जुड़े शोध में कहा गया है कि इसका रोजाना 0.1 मिलीग्राम/किलोग्राम से ज्यादा सेवन शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है।

वैसे, दालचीनी  (cinnamon) खाने का समय स्पष्ट नहीं है। वहीं, इसे सुबह चाय या काढ़े के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी कुछ मात्रा लंच या डिनर में भी इस्तेमाल की जा सकती है। साथ ही चिकित्सकीय सलाह पर दिन में किसी भी निर्धारित समय पर इसका सेवन किया जा सकता है।

दालचीनी  (cinnamon) के दुष्प्रभाव (नुकसान) effects - side effects of cinnamon

दालचीनी  (cinnamon) खाने के फायदे तो हम बता चुके हैं, लेकिन इसका ज्यादा सेवन करने से नुकसान भी हो सकते हैं। इसी वजह से हम नीचे दालचीनी  (cinnamon) खाने के नुकसान के बारे में बता रहे हैं।

  • दालचीनी  (cinnamon) की अम्लीय प्रकृति के कारण दांत प्रभावित हो सकते हैं, जिससे पट्टिका और अन्य समस्याएं हो सकती हैं।
  • गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (पेट) विकार।
  • एलर्जी।
  • लिवर में समस्या।
  • ग्लूकोज के स्तर को कम कर सकता है, जिससे व्यक्ति ऊर्जावान महसूस कर सकता है।

केवल सूखी दालचीनी  (cinnamon) का उपयोग किया जाता है। इसे पानी में उबालकर पाउडर (दालचीनी  (cinnamon) पाउडर) और सूखे टुकड़ों के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं इसका अधिक सेवन हानिकारक हो सकता है, जिसका जिक्र हमने लेख में ऊपर किया है।

दालचीनी  (cinnamon) के फायदे और नुकसान से जुड़े इस लेख को पढ़ने के बाद यह बात तो साफ हो ही गई होगी कि दालचीनी  (cinnamon) न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाती है बल्कि सेहत को बनाए रखने में भी मदद करती है। तो बस इसके नुकसानों को ध्यान में रखें और कम मात्रा में दालचीनी  (cinnamon) का इस्तेमाल शुरू करें। दालचीनी  (cinnamon) के गुण सिर्फ मसाले के तौर पर इस्तेमाल करने से भी शरीर में पहुंच सकते हैं। दालचीनी  (cinnamon) के नियमित सेवन से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया जा सकता है। बस इस बात का ध्यान रखें कि इसका अधिक मात्रा में सेवन न करें, नहीं तो दालचीनी  (cinnamon) के नुकसान का भी सामना करना पड़ सकता है। साथ ही अगर किसी तरह की एलर्जी की समस्या है तो डॉक्टर की सलाह पर अपने आहार में दालचीनी  (cinnamon) को जगह दें।
 

दोस्तों आशा करते हैं , "दालचीनी के फायदे" यह लेख आपको पसंद आया होगा। अगर आपको इसमें कोई त्रुटि लगे तो आप हमें कमेंट कर सकते है।



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