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क्या है सिनौली का रहस्य - What is the secret of Sinouli?

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भारत की राजधानी दिल्ली से 80 किमी दूर सनौली नाम की एक ऐसी जगह है, जिसकी मिट्टी कई रहस्यों में दबी हुई मिली है। 2018 में एएसआई रिसर्च में सनौली में दफन कई ऐसी प्राचीन चीजें मिली हैं, जिन्होंने एएसआई टीम और हमारी सरकार दोनों के होश उड़ा दिए हैं। इन प्राचीन चीजों के बारे में जानकर आप भी दंग रह जाएंगे।

सिनौली का इतिहास - History of Sinouli

सिनौली का रहस्य 2004 में ही जनता के सामने आया था, जब किसानों को जुताई करते समय जमीन के अंदर कुछ प्राचीन चीजें मिलीं जो वर्तमान समय से काफी अलग थीं। इसके बाद ही सिनौली का इतिहास जानने के लिए एएसआई की टीम को बुलाया गया। सिनौली में जब एएसआई की टीम ने खुदाई की तो वहां कई महिलाओं के कंकाल समेत 116 लोगों के कंकाल मिले। महिलाओं के कंकालों में कई युद्ध सामग्री भी पाई गई, जो इस बात की पूर्ति करती है कि वे साधारण महिलाएं नहीं थीं, वे 4000 साल पहले की वीर योद्धाएं थीं।

इतने दबे हुए कंकाल मिलने के बाद एएसआई ने इस जगह को कब्रिस्तान साबित कर 2006 में ही इसकी खुदाई बंद कर दी थी। खुदाई रुकने के बाद मामला ठंडा हुआ और फिर सिनौली को लेकर काफी चर्चा थम गई लेकिन 2018 में एक और घटना सामने आई। सिनौली के किसान जब खेत में काम कर रहे थे तो उन्हें जमीन में कुछ प्राचीन बर्तन मिले।

एएसआई को जब इस बात का पता चला तो वहां फिर से खुदाई शुरू की गई और फिर से सिनौली सुर्खियों में आ गया । इस बार भी सिनौली में काफी प्राचीन वस्तुएं मिलीं, जो उस समय में काफी उन्नत मानी जाती हैं।

सिनौली की खुदाई के दौरान कई रहस्यमयी बातें सामने आईं। एएसआई की टीम और सिनौली के ग्रामीणों के सामने जो सबसे रहस्यमयी वस्तु आई, वह थी घोड़ों का रथ। कार्बन डेटिंग से पता चला कि रथ उस समय का है जब घोड़ों द्वारा खींचे गए रथ भी नहीं बनते थे। उस समय के रथ बैलों द्वारा संचालित होते थे। यह रथ बहुत उन्नत था और वर्तमान के रथ के समान भी था।

खुदाई के दौरान कई कब्रें भी मिलीं जिनमें महिला योद्धाओं के पैर कटे हुए थे। यह कंकाल इस बात का सबूत है कि 4000 साल पहले भी महिलाएं योद्धा हुआ करती थीं। वह काफी रहस्यमयी रही होंगी।

जमीन के अंदर कुछ कब्रें भी थीं, जिनसे तलवारें और युद्ध के हथियार बरामद हुए थे। हथियारों की संख्या बहुत अधिक बताई जा रही है और यह भी कहा जाता है कि ये हथियार कई अलग-अलग जगहों से बरामद किए गए थे। इससे पता चलता है कि उस समय यहां जो भी सभ्यता रहती थी वह योद्धाओं की थी।

कब्रों के नीचे कुछ खुफिया कक्ष भी मिले हैं। यह अनुमान लगाया गया है कि इन कक्षों को युद्ध के दौरान एक खुफिया सुरंग के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

सिनौली की खोज ने हमारा पूरा इतिहास बदल दिया है। इस खोज का निष्कर्ष क्या होगा यह कोई नहीं जानता, लेकिन अनुमान लगाए जा रहे हैं कि इस खोज का हमारे इतिहास पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ेगा।

ऐसा भी हो सकता है कि हमारा इतिहास पूरी तरह से बदल जाए और हमें एक नई सभ्यता के बारे में पता चले जो सिंधु घाटी सभ्यता से बहुत अलग है। इन सभी रहस्यमयी बातों को जानना बेहद दिलचस्प होगा।

आशा है कि आपको आज का लेख सिनौली बागपथ का रहस्य (सिनौली का रहस्य) पसंद आया होगा और आपको सिनौली और उसकी खोज से संबंधित बहुत सारी जानकारी मिली होगी। भारत की प्राचीन सभ्यता के बारे में जानना हमारा कर्तव्य है और प्रत्येक नागरिक को हमारा भारतीय इतिहास पढ़ना चाहिए।



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